Kshama Prarthna | क्षमा प्रार्थना

पाठ करते समय अनजाने में पाठ का उच्चारण कई बार गलत हो जाता है इससे माता रानी क्रोधित होती हैं इसीलिए क्षमा प्रार्थना(Kshama Prarthna) आवश्यक है।

Kshama Prarthna in Hindi

परमेश्वरी! मेरे द्वारा रात-दिन सहस्त्रों अपराध होते रहते हैं। ‘यह मेरा दास है’ – यों समझकर मेरे उन अपराधो को तुम कृपापूर्वक क्षमा करो। परमेश्वरी! मैं आह्वान नहीं जानता, विसर्जन करना नहीं जानता तथा पूजा करने का ढंग भी नहीं जानता। क्षमा करो॥

देवि! सुरेश्वरि! मैंने जो मन्त्रहीन, क्रियाहीन और भक्तिहीन पूजन किया है, वह सब आपकी कृपासे पूर्ण हो॥

सैकड़ों अपराध करके भी जो तुम्हारी शरणमें जा ‘जगदम्ब’ कहकर पुकारता है, उसे वह गति प्राप्त होती है, जो ब्रह्मादि देवताओंके लिये भी सुलभ नहीं है॥ जगदम्बिके! मैं अपराधी हूँ, किंतु तुम्हारी शरणमें आया हूँ। इस समय दयाका पात्र हूँ।तुम जैसा चाहो, करो॥

देवि! परमेश्वरि! अज्ञानसे, भूलसे अथवा बुद्धि भ्रान्त होनेके कारण मैंने जो न्यूनता या अधिकता कर दी हो, वह सब क्षमा करो और प्रसन्न होओ॥

सच्चिदानन्दस्वरूपा परमेश्वरि! जगन्माता कामेश्वरि! तुम प्रेमपूर्वक मेरी यह पूजा स्वीकार करो और मुझपर प्रसन्न रहो॥

सच्चिदानन्दस्वरूपा परमेश्वरी! जगन्माता कामेश्वरी! तुम प्रेमपूर्वक मेरी यह पूजा स्वीकार करो और मुझ पर प्रसन्न रहो देवि! सुरेश्वरी! तुम गोपनीय से भी गोपनीय वास्तु की रक्षा करनेवाली हो। मेरे निवेदन किये हुए इस जपको ग्रहण करो। तुम्हारी कृपा से मुझे सिद्धि प्राप्त हो।

माँ दुर्गा आप सब की मनोकामनाएं पूरी करे। जय माता दी।