8 Immortals in Hindu Mythology | ये हैं वो 8 लोग, जो हैं आज भी जीवित और माने जाते हैं अमर Part- 1

Ashta chiranjeevi mantra

8 Immortals in Hindu Mythology- Part 1

इनकी संख्या आठ होने के कारण इन्हे ‘अष्टचिरंजीवी’ कहा जाता है। इनका स्मरण मनुष्य की आयु बढ़ाता है, तथा इन्ही की भांति पुरुषार्थ और भक्ति की शक्ति प्रदान करता है।आइये जानते हैं कि सनातन धर्मानुसार कौन हैं यह आठ चिरंजीवी –

श्लोक के अनुसार आठ चिरंजीवी निम्नवत हैं:

अश्वत्थामा बलिव्र्यासो हनूमांश्च विभीषण:। कृप: परशुरामश्च सप्तएतै चिरजीविन:॥
सप्तैतान् संस्मरेन्नित्यं मार्कण्डेयमथाष्टमम्। जीवेद्वर्षशतं सोपि सर्वव्याधिविवर्जित।।

दिए गए श्लोक का अर्थ यह है कि अश्वथामा, दैत्यराज बलि, वेद व्यास, हनुमान, विभीषण, कृपाचार्य, परशुराम और मार्कण्डेय ऋषि का स्मरण सुबह-सुबह करने से सारी बीमारियां समाप्त होती हैं और मनुष्य 100 वर्ष की आयु प्राप्त करता है।

हनुमान जी- राम भक्त हनुमान का नाम अष्टचिरंजीवियों में सबसे पहले आता है। इन्हे कलियुग में सबसे जल्दी प्रसन्न होने वाला देवता कहा जाता है।

हनुमान जी ने जब बाल्यावस्था में सूर्य को निगल लिया था तब इंद्र ने उन पर बज्र से प्रहार कर दिया था जिससे वे मरणासन्न हो गए। इस घटना से वायुदेव कुपित हो गए और उन्हें मनाने के लिए सभी देवताओं ने मिलकर हनुमान जी को बल, बुद्धि तथा चिरंजीवी होने का वरदान दिया था।

अश्वत्थामा : द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा को अमरत्व प्राप्त है। सभी चिरंजीवियों में केवल अश्वथामा ही ऐसे पात्र हैं जिन्हे अमरता आशीर्वाद में नहीं अपितु श्राप में मिली थी।

अश्वत्थामा को कब और क्यों दिया श्राप

महाभारत युद्ध के समय जब अश्वत्थामा ने द्रौपदी के 5 निर्दोष पुत्रों का वध कर दिया, तब पाण्डव भगवान श्रीकृष्ण के साथ अश्वत्थामा का पीछा करते हुए महर्षि वेदव्यास के आश्रम पहुंचे तब अश्वत्थामा ने पाण्डवों पर ब्रह्मास्त्र का वार किया।

ये देख अर्जुन ने भी अपना ब्रह्मास्त्र छोड़ा। महर्षि व्यास ने दोनों अस्त्रों को टकराने से रोक लिया और अश्वत्थामा और अर्जुन से अपने-अपने ब्रह्मास्त्र वापस लेने को कहा।

तब अर्जुन ने अपना ब्रह्मास्त्र वापस ले लिया, लेकिन अश्वत्थामा ये विद्या नहीं जानता था। इसलिए उसने अपने अस्त्र की दिशा बदलकर अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ की ओर कर दी जिससे श्री कृष्ण क्रोधित हो गए और यह श्राप दिया कि सृष्टि के अंत तक ऐसे ही चिरंजीवी बन भटकना पड़ेगा। उसे अपने पापों और घावों के साथ ऐसे ही तड़पना होगा। समय-समय पर ऐसी ख़बरें आती है कि अश्वत्थामा को देखा गया।

ashta chiranjeevi mantra - story of ashwathama and krishna
8 Immortals in Hindu mythology – Ashwathama

विभीषण– राक्षस राज रावण के अनुज हैं । राक्षसों के वंश में रहते हुए भी उन्हें राम नाम की लगन थी। हनुमान इन्हे अपने साथ श्री राम जी के पास ले गये जहाँ उन्होंने लंका तथा रावण से जुड़ी कई गुप्त बातें श्री राम को बताई जिससे उन्हें लंका जीतने में सहायता प्राप्त हुई। इन्हे भी चिरंजीवता का आशीर्वाद प्राप्त है​।

Vibhishana story - ashta chiranjeevi mantra
8 Immortals in Hindu Mythology – Vibhishana

परशुराम- भगवान् विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी का जन्म अक्षय तृतीया के दिन हुआ था। उनके पिता ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका थीं। इनका जन्म सतयुग और त्रेता युग के संधिकाल में हुआ माना जाता है। अकेले खुद ने 21 बार इस धरती से निरंकुश क्षत्रिय राजाओं का अंत किया है, शिवजी की घोर तपस्या से इनके एक महाशक्तिशाली परशा मिला इसलिए इन्हे परशुराम के नाम से जाना जाता है।इनका उल्लेख सतयुग में सीता स्वयंवर तथा महाभारत के द्वापर युग में भी मिलता है। ​

8 Immortals in Hindu Mythology - Parshuram
8 Immortals in Hindu Mythology – Parshuram

8 Immortals in Hindu Mythology part 2 नीचे दिया गया है जरूर पढ़ें


https://karmachakra.com/immortal-gods-in-hindu-mythology

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